पश्चिम बंगाल: की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी पूरी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने सुवेंदु अधिकारी के नाम पर सहमति बना ली है और कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद शाम 5 बजे इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
इसके साथ ही भाजपा पश्चिम Bengal में दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाने जा रही है। इनमें अभिनेत्री और भाजपा नेता रूपा गांगुली का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि दूसरे डिप्टी सीएम के तौर पर दार्जिलिंग क्षेत्र से किसी पुरुष विधायक को जिम्मेदारी दी जाएगी।
गृह मंत्रालय भी संभालेंगे सुवेंदु अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के साथ ही सुवेंदु अधिकारी राज्य का गृह मंत्रालय भी अपने पास रखेंगे। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनाव बाद हिंसा और कानून व्यवस्था को लेकर बंगाल में मजबूत प्रशासनिक संदेश देने की जरूरत है। इसी कारण गृह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास रखने का फैसला लिया गया है।
9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक जीत को बड़े उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रहे हैं। कोलकाता समेत कई जिलों में लड्डू तैयार किए जा रहे हैं और समर्थकों के बीच मिठाई बांटने की योजना बनाई गई है।
एयरपोर्ट पर शाह का स्वागत करते दिखे सुवेंदु
गुरुवार सुबह जब अमित शाह कोलकाता पहुंचे तो एयरपोर्ट पर खुद सुवेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेता एक ही कार से दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर भाजपा की ओर से साफ राजनीतिक संदेश थी कि बंगाल में पार्टी का नया चेहरा सुवेंदु अधिकारी ही होंगे।
ममता बनर्जी को हराकर बने सबसे बड़े नेता
सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में सबसे बड़ी राजनीतिक जीत तब दर्ज की जब उन्होंने भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। इसके अलावा उन्होंने नंदीग्राम सीट पर भी लगातार दूसरी बार जीत हासिल की।
2021 में भी नंदीग्राम में सुवेंदु ने ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी पहचान बनाई थी। इस बार भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर बंगाल की सत्ता पर कब्जा कर लिया।
15 साल बाद बदला बंगाल का राजनीतिक इतिहास
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है। भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में सबसे बड़े बदलावों में गिनी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा ने हिंदुत्व, विकास और भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दों पर चुनाव लड़ा और जनता ने उसे भारी समर्थन दिया।
ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया था इनकार
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी क्योंकि उनकी हार “साजिश” के कारण हुई है। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे।
हालांकि बाद में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिसके बाद ममता सरकार के मंत्रियों की संवैधानिक शक्तियां समाप्त हो गईं।
बंगाल में डिप्टी CM पद की वापसी
बंगाल में करीब 26 साल बाद उपमुख्यमंत्री पद की वापसी होने जा रही है। इससे पहले बुद्धदेव भट्टाचार्य वर्ष 2000 तक डिप्टी CM पद पर रहे थे।
भाजपा का मानना है कि क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए दो डिप्टी सीएम का मॉडल प्रभावी रहेगा।
चुनाव बाद हिंसा पर भी नजर
राज्य में चुनाव परिणाम आने के बाद कई इलाकों में हिंसा और राजनीतिक तनाव की खबरें सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए।
इसी मुद्दे को देखते हुए नई सरकार कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देने की तैयारी में है
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ बंगाल में भाजपा एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करने जा रही है। अब सबकी नजर 9 मई के शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार की पहली रणनीतियों पर टिकी हुई है।

