गोण्डा। उत्तर प्रदेश के देवीपाटन विद्युत वितरण क्षेत्र से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। विभाग द्वारा आयोजित तकनीकी दक्षता (स्किल टेस्ट) और सुरक्षा परीक्षण में बड़ी संख्या में लाइनमैन अपेक्षित मानकों पर खरे नहीं उतर सके। कुल 749 लाइनमैनों की परीक्षा में 126 कर्मचारी असफल घोषित किए गए हैं। विभाग ने सभी असफल कर्मचारियों को एक माह का अंतिम अवसर दिया है। यदि वे दोबारा होने वाली परीक्षा में भी सफल नहीं हो पाए, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए नौकरी समाप्त करने या पदावनत करने तक का निर्णय लिया जा सकता है।
बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए हुआ स्किल टेस्ट
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है। इसी लक्ष्य के तहत देवीपाटन जोन के चार जिलों में कार्यरत लाइनमैनों की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष स्किल टेस्ट आयोजित किया गया।
इस परीक्षा में कर्मचारियों की पोल क्लाइम्बिंग, उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, फील्ड वर्क और सुरक्षा नियमों के पालन की क्षमता को परखा गया। परीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक लाइनमैन किसी भी आपात स्थिति में स्वयं सुरक्षित तरीके से कार्य करने में सक्षम हो।
126 लाइनमैन तकनीकी परीक्षा में हुए फेल
परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद विभाग भी हैरान रह गया। कुल 749 कर्मचारियों में से 126 लाइनमैन निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा नहीं कर सके। कई कर्मचारी बिजली के खंभे पर चढ़ने में असफल रहे, जबकि कुछ सुरक्षा प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं कर पाए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी दक्षता की कमी बिजली कर्मचारियों और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
एक माह का अंतिम मौका, फिर होगी दोबारा परीक्षा
बिजली विभाग ने सभी असफल कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक महीने का अंतिम अवसर दिया है। इस दौरान उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पोल पर सुरक्षित चढ़ने, आधुनिक उपकरणों के उपयोग, विद्युत सुरक्षा नियमों और फील्ड ऑपरेशन की दोबारा ट्रेनिंग कराई जाएगी।
एक माह बाद दोबारा परीक्षा आयोजित होगी। यदि कर्मचारी इस परीक्षा में सफल हो जाते हैं, तो वे अपने वर्तमान पद पर कार्य करते रहेंगे। लेकिन यदि दूसरी बार भी वे तकनीकी दक्षता साबित नहीं कर पाए, तो विभाग उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा।
नौकरी पर मंडरा रहा संकट
विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोबारा असफल होने वाले कर्मचारियों को अकुशल श्रेणी में भेजा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था जैसे संवेदनशील क्षेत्र में केवल प्रशिक्षित और सक्षम कर्मचारियों की ही नियुक्ति आवश्यक है।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
स्किल टेस्ट के दौरान कुछ चौंकाने वाली बातें भी सामने आईं। विभागीय जांच में पता चला कि कई लाइनमैन स्वयं बिजली के खंभे पर चढ़ने में सक्षम नहीं थे। कुछ मामलों में यह शिकायत भी मिली कि कर्मचारी अपने स्थान पर दूसरे लोगों से पोल पर चढ़कर काम करवाते थे।
यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे बड़े हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। बिजली विभाग अब ऐसे मामलों की अलग से जांच भी कर रहा है।
सुरक्षा मानकों को लेकर विभाग सख्त
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी कर्मचारी को दंडित करने के उद्देश्य से नहीं चलाया गया है। इसका मकसद कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना और बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित लाइनमैन ही बिजली संबंधी दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इसी वजह से विभाग भविष्य में भी समय-समय पर स्किल टेस्ट आयोजित करने की योजना बना रहा है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
यदि सभी लाइनमैन तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तो बिजली मरम्मत कार्य तेजी से होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और बिजली आपूर्ति भी अधिक भरोसेमंद बनेगी। विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलने के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी
देवीपाटन विद्युत वितरण क्षेत्र में आयोजित स्किल टेस्ट ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। 126 लाइनमैनों का तकनीकी परीक्षा में असफल होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। हालांकि विभाग ने कर्मचारियों को सुधार का अंतिम अवसर देते हुए दोबारा प्रशिक्षण और परीक्षा का मौका दिया है। अब सभी की नजर एक माह बाद होने वाली परीक्षा पर रहेगी, क्योंकि उसका परिणाम कई कर्मचारियों के भविष्य का फैसला करेगा।


