गोंडा। गोंडा जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में एक युवक की मौत के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। साथ ही, तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निलंबित किए गए कर्मियों में सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर करण सिंह और सिपाही अमित कुमार यादव शामिल हैं।
आरपीएफ के डीआईजी चंद्र मोहन मिश्रा ने बताया कि घटना बेहद गंभीर है, इसलिए वे स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं।
🔸 पूछताछ के दौरान मौत, परिवार ने लगाया करंट देने और पिटाई का आरोप
जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर को संजय सोनकर (35) को सरसों तेल चोरी के एक कथित मामले में पूछताछ के लिए आरपीएफ ने हिरासत में लिया था।
रात में ही हिरासत में संजय की मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ कर्मियों ने संजय की बेरहमी से पिटाई की और उसे करंट देकर प्रताड़ित किया।
परिवार के अनुसार, पिटाई से उसकी तबीयत बिगड़ी तो आरपीएफ कर्मी उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई ने यह भी बताया कि आरपीएफ कर्मी शव को मॉर्च्युरी में छोड़कर फरार हो गए।
🔸 हत्या का मुकदमा दर्ज, जांच जारी
घटना के बाद मृतक के भाई की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
मुकदमा निलंबित दोनों सब इंस्पेक्टरों, सिपाही अमित कुमार यादव और कुछ अज्ञात आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, इसलिए बिसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🔸 डीआईजी ने किया निरीक्षण, बोले – किसी को छोड़ा नहीं जाएगा
घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ डीआईजी चंद्र मोहन मिश्रा देर रात गोंडा पहुंचे।
उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की रिपोर्ट ली।
डीआईजी ने कहा —
“इस मामले में लापरवाही या अपराध की कोई भी संभावना मिली तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तीनों कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।”

