पहाड़ों में लगातार बारिश से हालात गंभीर, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
दो दिन बाद भी नहीं खुल पाया यमुनोत्री राजमार्ग
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 100 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया है। लगातार दूसरे दिन भी मार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो सका।
प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और आवाजाही को सामान्य करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
यमुना नदी में फिर बनने लगी झील, होटल और मकानों तक पहुंचा पानी
भूस्खलन का भारी मलबा यमुना नदी में गिरने से नदी का बहाव प्रभावित हुआ है, जिसके कारण एक बार फिर झील जैसी स्थिति बनने लगी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे स्थित कई होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल तक पानी पहुंच गया।
जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को तेजी से मलबा हटाने और नदी के चैनलाइजेशन का कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

हिमाचल प्रदेश में 210 सड़कें बंद, कई जिलों में भूस्खलन
लगातार बारिश का असर हिमाचल प्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। शिमला, सिरमौर और कुल्लू सहित कई जिलों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण करीब 210 सड़कें बंद हो गई हैं।
सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
बदरीनाथ और लिपुलेख मार्ग भी रहे प्रभावित
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बदरीनाथ राजमार्ग तथा पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला लिपुलेख राजमार्ग भी मलबा आने के कारण कुछ समय के लिए बाधित रहा।
हालांकि दोपहर बाद दोनों मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। इसके बावजूद राज्यभर में 110 से अधिक संपर्क मार्ग अब भी बंद बताए जा रहे हैं।
पहलगाम में बादल फटने से अचानक आई बाढ़
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम और उसके आसपास के ऊपरी क्षेत्रों में शनिवार शाम अचानक तेज बारिश के बाद बादल फटने जैसी स्थिति बनी। इसके चलते आवूरा नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे आसपास के कई इलाके प्रभावित हो गए।
बाढ़ का पानी कई होटलों और घरों तक पहुंच गया। कुछ स्थानों पर दीवारें गिरने और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की भी सूचना मिली है।
पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थित अन्य होटलों में स्थानांतरित कर दिया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
राहत एवं निगरानी अभियान लगातार जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
अमरनाथ यात्रा पर नहीं पड़ा असर
प्रशासन के अनुसार, पहलगाम क्षेत्र में आई बाढ़ के बावजूद श्री अमरनाथ यात्रा सामान्य रूप से जारी है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
मौसम विभाग ने जारी की सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार, शाम करीब छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक क्षेत्र में लगातार भारी बारिश दर्ज की गई। रात आठ से नौ बजे के बीच अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित नालों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है। इसके बावजूद सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से नदियों एवं नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।

