बिहार: की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन बेहद अहम और राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहा। पूरे दिन जिला समाहरणालय परिसर और उसके आसपास राजनीतिक दलों के समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के शक्ति प्रदर्शन, रोड शो और समर्थकों की मौजूदगी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह उत्साह से भर दिया।
सबसे अधिक चर्चा जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा और जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी के नामांकन को लेकर रही। हालांकि, सबसे बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।
नामांकन के अंतिम दिन उमड़ी भीड़
नामांकन के आखिरी दिन समाहरणालय परिसर में सुबह से ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। विभिन्न दलों के उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। बाइक रैली, चारपहिया वाहनों के लंबे काफिले और नारों से पूरा इलाका चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे प्रशांत किशोर
नामांकन दाखिल करने से पहले जन सुराज के संस्थापक एवं प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने चुनाव में सफलता और जनता का आशीर्वाद मिलने की कामना की।
मंदिर दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ईमानदारी से जनता के सामने एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत करना है। जीत और हार जनता के हाथ में है और वही तय करेगी कि किसे अपना प्रतिनिधि बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव का परिणाम नेताओं के हाथ में होता तो पिछली बार जन सुराज को हार का सामना नहीं करना पड़ता। जनता के विश्वास के बल पर ही राजनीति आगे बढ़ती है।
भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा भी भारी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। उनका काफिला पटना के कई प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा।
डाकबंगला चौराहा, एस.पी. वर्मा रोड, बिस्कोमान भवन, डीएम आवास, कारगिल चौक और गांधी मैदान से होते हुए समर्थकों का बड़ा जुलूस निकला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका स्वागत किया।
नामांकन के बाद नीरज सिन्हा ने कहा कि भाजपा ने पिछले तीन दशकों में बांकीपुर के विकास के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि यहां की जनता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और मालिक है। उन्होंने भरोसा जताया कि विकास और संगठन की मजबूती के आधार पर भाजपा एक बार फिर जनता का विश्वास जीतने में सफल होगी।

वीणा मानवी की गिरफ्तारी बनी चर्चा का विषय
दिन का सबसे बड़ा घटनाक्रम जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को लेकर सामने आया। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया, लेकिन पर्चा जमा करने के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ देर के लिए समाहरणालय परिसर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही, लेकिन पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर लिया।
इस घटनाक्रम ने उपचुनाव की राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।
किन्नर प्रत्याशी समेत कई उम्मीदवार मैदान में
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में इस बार मुकाबला केवल बड़े राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है। नामांकन के अंतिम दिन एक किन्नर प्रत्याशी समेत कुल 15 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, उपचुनाव के लिए कुल 44 नामांकन रसीदें जारी की गई थीं। निर्धारित समय तक जो उम्मीदवार नामांकन काउंटर पर पहुंच गए थे, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया गया।
अब होगी नामांकन पत्रों की जांच
नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब निर्वाचन आयोग की ओर से सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी होगी। इसके पश्चात नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। भाजपा, जन सुराज और अन्य दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
चुनावी माहौल हुआ गर्म
नामांकन के अंतिम दिन जिस तरह राजनीतिक दलों ने शक्ति प्रदर्शन किया, उससे स्पष्ट है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और भी तेज होने की संभावना है। सभी दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर रहीं। प्रशांत किशोर और भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा ने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल किया, जबकि वीणा मानवी की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को नया मोड़ दे दिया। अब सभी की नजर नामांकन पत्रों की जांच और चुनाव प्रचार के अगले चरण पर टिकी है।

