उत्तर प्रदेश: में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश के लाखों परिवारों को गैस सिलेंडर की झंझट से राहत दिलाने के उद्देश्य से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों तक सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।
ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 24 जून 2026 तक प्रदेश के 43 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्रों में 1,60,121 घरेलू पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 16,23,163 नए कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक लक्ष्य का लगभग 9.86 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG ऐसी प्राकृतिक गैस है, जो सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचाई जाती है। इससे उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने या बार-बार सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
घर में लगाए गए मीटर के माध्यम से जितनी गैस उपयोग होती है, उसी के अनुसार बिल बनता है। यही कारण है कि शहरी क्षेत्रों में PNG की मांग लगातार बढ़ रही है।
सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर विकल्प
सरकार का मानना है कि PNG पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली के कारण गैस रिसाव होने की स्थिति में सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है।
इसके अलावा सिलेंडर रखने के लिए अतिरिक्त जगह की आवश्यकता भी नहीं होती। लगातार गैस उपलब्ध रहने से रसोई का काम भी अधिक आसान हो जाता है।

इन जिलों में तेजी से बढ़ रहा नेटवर्क
प्रदेश के कई जिलों में गैस वितरण कंपनियां तेजी से नेटवर्क विस्तार कर रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- लखनऊ
- प्रयागराज
- मेरठ
- वाराणसी
- गोरखपुर
- मुरादाबाद
- मथुरा
- अलीगढ़
- गौतम बुद्ध नगर
- बुलंदशहर
- फिरोजाबाद
- शाहजहांपुर
- मुजफ्फरनगर
- औरैया
जैसे शहर शामिल हैं।
इन जिलों में नई कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों तक पाइपलाइन पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
कई बड़ी कंपनियां कर रही हैं काम
उत्तर प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार में कई प्रमुख कंपनियां लगी हुई हैं।
इनमें शामिल हैं—
- IOC-Adani Gas
- Torrent Gas
- Green Gas Limited
- GAIL Gas
- GAIL India
- Indraprastha Gas Limited (IGL)
- HPCL
ये कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने, नए कनेक्शन जारी करने और गैस आपूर्ति का नेटवर्क मजबूत करने का कार्य कर रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि पाइप्ड नेचुरल गैस का उपयोग बढ़ने से प्रदूषण में कमी आएगी। प्राकृतिक गैस अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है।
इससे शहरी क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता बेहतर होगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। यही वजह है कि सरकार इसे हरित ऊर्जा अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
सरकार की क्या है आगे की योजना?
राज्य सरकार आने वाले महीनों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क का और विस्तार करेगी। नई कॉलोनियों, विकसित हो रहे शहरों और नगर निकायों में PNG सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों के अनुसार निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। सभी गैस वितरण कंपनियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराना है ताकि प्रदेश आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।
लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
PNG सुविधा मिलने के बाद उपभोक्ताओं को कई लाभ होंगे—
- गैस सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं।
- 24 घंटे गैस उपलब्ध।
- केवल उपयोग के अनुसार बिल भुगतान।
- गैस रिसाव की स्थिति में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली।
- प्रदूषण में कमी।
- सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की परेशानी समाप्त।
- घर में अतिरिक्त स्टोरेज की जरूरत नहीं।
प्रदेश सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में लाखों परिवार इस सुविधा से जुड़ेंगे और स्वच्छ ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) विस्तार अभियान केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक जीवनशैली की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 1.60 लाख से अधिक घरों तक गैस सुविधा पहुंचना इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यदि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा होता है तो आने वाले वर्षों में लाखों परिवार गैस सिलेंडर की निर्भरता से मुक्त होकर सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन का लाभ उठा सकेंगे।

