उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में 11 वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क को लेकर जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। इटियाथोक-बाबागंज रोड के खराब हालातों के विरोध में आज राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं ने हाथ में लेंस लेकर सड़क खोजने का अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की खास बातें:
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स्थान: मोहनपुर असिधा गांव के पास
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सड़क की स्थिति: 20 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से गड्ढों, कीचड़ और पानी में तब्दील
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विरोध का तरीका: कार्यकर्ताओं ने आंखों पर लेंस लगाकर सड़क ढूंढने का प्रतीकात्मक प्रयास किया
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संदेश: “सरकार को केवल चुनाव के समय याद आती हैं सड़कें”
क्या कहा छात्र पंचायत ने?
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के जिला संयोजक अमित यादव ने कहा—
“इटियाथोक से बाबागंज तक की ये सड़क पिछले 11 सालों से उपेक्षित है। करोड़ों का बजट हर साल सड़कों के नाम पर आता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत सामने है—गांव वालों को गड्ढों में गिरकर जाना पड़ता है।”
स्थानीय जनता का गुस्सा:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, किसान और बीमार मरीज आते-जाते हैं, लेकिन सड़क के हालात इतने खराब हैं कि अब वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं। बरसात के दिनों में स्थिति और बदतर हो जाती है।
प्रशासन क्या कहता है?
अब तक पीडब्ल्यूडी या जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। पिछले कुछ वर्षों में इस सड़क के लिए कई बार प्रस्ताव बने, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
निष्कर्ष:
गोंडा के मेहनौन क्षेत्र की इटियाथोक-बाबागंज रोड 11 वर्षों से विकास की बाट जोह रही है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन सत्ता और प्रशासन को आईना दिखाता है। यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो जनता का आक्रोश आंदोलन में बदल सकता है।

