लखनऊ। शहर में ईद मिलादुन्नबी बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। इस मौके पर दो बड़े जुलूस और करीब 150 छोटे जुलूस निकाले जा रहे हैं। हर जुलूस में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह देखने को मिला।
गंगा-जमुनी तहजीब का परिचय
सदर और हुसैनगंज के जुलूस जैसे ही उदयगंज पहुंचे, वहां गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिली। इस दौरान आचार्य पंडित कृष्णचंद्र शुक्ल ने जुलूस का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
मौलाना का संदेश: हर धर्म का सम्मान
जुलूस में शामिल मौलाना साहब ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने और भाईचारे को बढ़ावा देने की बात कही।
धार्मिक और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक
ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन में सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के साथ शामिल होकर उत्सव मनाते नजर आए। यह नजारा लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बना। स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए।
निष्कर्ष:
लखनऊ में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस धार्मिक सद्भाव और सामाजिक भाईचारे का संदेश देते हैं। पंडित और मौलाना का सहयोग और स्वागत इस बात का उदाहरण है कि धर्म और संस्कृति के विभिन्न रंग एक साथ मिलकर समाज को मजबूत बनाते हैं।

