नई दिल्ली: देश में कोविड-19 के मामलों को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी बीच गायक और ‘बिग बॉस 14’ के पूर्व प्रतियोगी जान कुमार सानू के कोरोना संक्रमित होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
जान कुमार सानू ने अस्पताल से अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “चाइना से आया मेरा दोस्त, कोविड को सलाम करो।” उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
क्या फिर बढ़ रहा है कोरोना का खतरा?
हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। इससे लोगों के मन में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या कोरोना महामारी की वापसी हो रही है और क्या पहले की तरह मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियां फिर से जरूरी हो जाएंगी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, SARS-CoV-2 वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यह समय-समय पर खुद में बदलाव (म्यूटेशन) करता रहता है, जिससे नए वैरिएंट सामने आते हैं और संक्रमण के मामलों में स्थानीय स्तर पर बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
नए वैरिएंट पर डॉक्टरों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 अब काफी हद तक मौसमी फ्लू (इन्फ्लूएंजा) की तरह व्यवहार कर रहा है। वायरस लगातार म्यूटेट होता है, इसलिए समय-समय पर संक्रमण के मामलों में वृद्धि होना असामान्य नहीं है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश मामलों में संक्रमण हल्का पाया जा रहा है और गंभीर स्थिति बहुत कम देखने को मिल रही है। इसके बावजूद बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

आंध्र प्रदेश में कोविड से मौत का मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में लगभग चार वर्ष बाद कोविड-19 से एक मौत दर्ज की गई है। बताया गया कि 46 वर्षीय व्यक्ति की चार दिन तक इलाज के बाद मौत हो गई।
इसके अलावा चार अन्य लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस घटना के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और संक्रमण की निगरानी बढ़ा दी गई है।
वैक्सीन लेने के बावजूद संक्रमित हुए लोग
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संक्रमित पाए गए अधिकांश लोगों ने कोविड वैक्सीन की कम से कम दो डोज लगवाई थीं। इनमें से एक व्यक्ति ने बूस्टर डोज भी ली थी।
डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन का उद्देश्य संक्रमण को पूरी तरह रोकना नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करना है। इसलिए वैक्सीन लेने के बावजूद संक्रमण होना संभव है, लेकिन अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के रहते हैं।
क्या फिर मास्क पहनना होगा जरूरी?
बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या फिर से मास्क अनिवार्य किया जाएगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सरकार की ओर से आम लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य नहीं किया गया है। हालांकि भीड़-भाड़ वाली जगहों, अस्पतालों, सार्वजनिक परिवहन और बंद स्थानों पर मास्क का उपयोग करना एक सुरक्षित आदत हो सकती है।
इसके अलावा नियमित हाथ धोना, खांसते या छींकते समय सावधानी बरतना और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय माने जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह का पालन करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सावधानी ही संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
जान कुमार सानू के कोरोना संक्रमित होने और कुछ राज्यों में नए मामलों के सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोविड-19 अभी भी मौजूद है, इसलिए सतर्क रहना, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना सबसे बेहतर उपाय है।

